धरमजयगढ़ में राशन घोटाले का खुलासा – सिस्टम पर बड़े सवाल

  Dharmjaigarh - बड़ी खबर...! 

राशन घोटाले का सनसनीखेज खुलासा...मृत आत्मा को राशन, जीवित गरीब भूखा



जनकल्याण पर भ्रष्टाचार का काला खेल..!


*धरमजयगढ़।* सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य गरीब, मजदूर और किसान तक निःशुल्क राशन—चावल, चना और नमक—पहुंचाना है। लेकिन जमीनी हकीकत चौंकाने वाली है। एक ओर.... सरकार योजनाओं को हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर भारी गड़बड़ी सामने आई है।


📌 चौंकाने वाला खुलासा

एक ऐसा हितग्राही जिसकी मृत्यु 10 जुलाई 2021 को हो चुकी थी, उसके नाम पर जनवरी 2024 से दिसंबर 2025 तक करीब 20–22 महीनों तक राशन उठाने की एंट्री दर्ज है l


अब सवाल खड़े हो रहे हैं— ❓ क्या राशन दुकान पर मृत व्यक्ति की आत्मा अंगूठा लगा रही है?

या फिर किसी और के अंगूठे से भ्रष्टाचार की फसल काटी जा रही है?

📌 यहां खत्म नहीं होता खेल

 धरमजयगढ़ कई दुकानों में एक ही व्यक्ति के दो अलग-अलग राशन कार्ड पाए गए।

दोनों कार्ड से राशन वितरण भी जारी रहा है जांच में राशन कार्ड हितग्राहियो को अपने निवासरत राशन दुकान से उठाओ किया जाता है और अन्य राशन कार्ड की जानकारी नहीं होना बताया गया.. l

असली गरीब आज भी राशन कार्ड के लिए पंचायत और जनपद के चक्कर काट रहे हैं।

📌 शिकायत के बाद विभाग जागा

खाद्य विभाग ने इसे सार्वजनिक वितरण प्रणाली आदेश-2016 का उल्लंघन मानते हुए कार्रवाई और वसूली की बात कही है। राशन कार्ड निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

लेकिन बड़ा सवाल अब भी कायम है—

👉 कार्रवाई पहले क्यों नहीं हुई?

👉 क्या यह सब अधिकारियों की नजर से दूर था या फिर मिलीभगत का खेल?

⚠️ सच्चाई कड़वी है

योजनाएं गरीबों के लिए बनीं, लेकिन भ्रष्टाचार और लापरवाही ने उन्हें कागजी बना दिया।

जब तक दोषियों पर सख्त और सार्वजनिक कार्रवाई नहीं होगी, तब तक “जनकल्याण” सिर्फ नारा ही रहेगा।

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