बलरामपुर। बलरामपुर जिले के बसंतपुर थाना से सामने आए एक मामले ने पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उत्तर प्रदेश निवासी मटुकधारी का पिकअप वाहन (UP 64 CT 4056), जिसमें 67 बोरी धान लोड था, पुलिस कार्रवाई के बाद थाना परिसर में जब्त रखा गया था। बता दें, 24 अप्रैल 2026 को वाहन रिलीज आदेश मिलने पर जब मालिक थाने पहुंचे, तो उन्होंने आरोप लगाया कि गाड़ी के दो नए टायर बदलकर पुराने टायर लगा दिए गए हैं और 67 बोरी धान में से 4 बोरी गायब हैं। वहीं स्थानीय पत्रकार रामहरी गुप्ता ने मौके पर पहुंचकर वाहन का निरीक्षण किया, जहां दो टायर बदले हुए पाए गए। पीड़ित मटुकधारी ने कहा, “जब थाना परिसर में रखी गाड़ी सुरक्षित नहीं, तो आम जनता कैसे सुरक्षित होगी?” उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक टायर और धान वापस नहीं मिलते, वे वाहन नहीं ले जाएंगे।मामले की जानकारी डीएसपी विश्व दीपक त्रिपाठी को दी गई, जिन्होंने जांच कर कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
वहीं पुराने मामले से जुड़ रहे तार: यह मामला सरगुजा जिले के दरिमा थाना के चर्चित टायर चोरी कांड की याद दिला रहा है, जहां जब्त ट्रैक्टर से टायर चोरी मामले में प्रधान आरक्षक संतोष कुमार गुप्ता और आरक्षक जगेश्वर बघेल पर कार्रवाई हुई थी। तत्कालीन एसपी विजय अग्रवाल ने एक को डिमोट और दूसरे को न्यूनतम वेतनमान की सजा दी थी। वहीं लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों से यह सवाल उठ रहा है कि आखिर थानों में जब्त वाहन और सामान कितने सुरक्षित हैं? अब लोगों की नजर प्रशासन की जांच और आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।
