अपर सत्र न्यायालय घरघोड़ा ने सुनाई भाई के हत्यारे को आजीवन कारावास की सजा एवं ₹1000 के अर्थ दंड से दंडित किया।
अपर सत्र न्यायाधीश श्रीमान अभिषेक शर्मा ने हत्या के आरोपी खेमराज यादव को उसके भाई पीतांबर यादव की हत्या कर दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई एवं अर्थ दंड से दंडित किया।
मामले का संक्षिप्त विवरण बताते हुए अपर लोक अभियोजक राजेशसिंह ठाकुर ने बताया कि मामला थाना धरमजयगढ़ के ग्राम रामपुर की है, मृतक पीतांबर एवं आऱोपी खेमराज यादव सगे भाई हैं जिनके मध्य जमीन बंटवारा हो गया था, किन्तु आरोपी खेमराज अपने छोटे भाई पीतांबर यादव को महुआ पेड़ के बटवारे पर झगड़ा झंझट करता था।
थाना धरमजयगढ़ के अपराध क्रमांक 50/ 2020 के अनुसार मृतक पीतांबर के पुत्र मनोज यादव ने थाना धर्म जयगढ़ में रिपोर्ट दर्ज कराई की गांव के कुधरी डॉड़ में महुआ का झाड़ है घटना दिनांक को वह अपने माता-पिता के साथ महुआ बीनने के लिए गया था उसकी छोटी बहन और छोटा भाई भी महुआ बिने गए थे ।जब ये लोग महुआ बीन रहे थे तभी उसके मंझले बड़े पिता आरोपी खेमराज यादव आया और महुआ को नहीं बीनने दूंगा कहकर उसके पिता को महुआ को मत उठाओ नहीं तो पुराना बदला लूंगा, सबको जान से मार दूंगा कहकर अपने छोटे भाई पितांबर यादव के पेट में चाकू से मारा जिससे पीतांबर यादव के पेट में गंभीर चोट आई और वहीं पर गिर गया और घटनास्थल पर ही उसकी मृत्यु हो गई।
सूचना कर्ता की सूचना के आधार पर थाना धरमजयगढ़ में अपराध पंजीकृत कर तत्कालीन विवेचना अधिकारीउप निरीक्षक राम आधार उपाध्याय के द्वारा विवेचना प्रारंभ की गई तथा सभी सबूत को एकत्रित कर अभियुक्त खेमराज यादव के विरुद्ध धारा 302 के तहत अभियोग पत्र तैयार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था।
अपर सत्र न्यायालय घरघोड़ा ने प्रकरण में सुनवाई करते हुए मामले के सभी गवाहों के बयान दर्ज किए गए तथा उभय पक्ष के बहस श्रवण करने के पश्चात विद्वान न्यायालय ने अभियुक्त खेमराज यादव को अपने छोटे भाई पीतांबर यादव की हत्या करने का दोषी ठहराया और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
विद्वान न्यायालय ने मृतक पीतांबर यादव की पत्नी को₹100000 क्षतिपूर्ति दिलाए जाने की अनुशसा की है तथा सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायगढ़ को निर्देशित किया है, मामले में राज्य की ओर से अपर लोकअभियोजक राजेश सिंह ठाकुर ने पक्ष रखा।
