छाल तहसीलदार से तकनीकी जांच की मांग, सरपंच ने उजागर की सड़क निर्माण की 'पोल'
विकास के नाम पर 'खिलवाड़', गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल..!
धरमजयगढ़ / छाल। जिला रायगढ़ के ग्राम पंचायत पुसलदा में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत हुए निर्माण कार्यों में भारी अनियमितता का मामला गरमा गया है। ग्राम पंचायत पुसलदा के सरपंच ने छाल तहसीलदार को लिखित शिकायत सौंपकर निर्माण कार्य की निष्पक्ष तकनीकी जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत के मुख्य बिंदु: सरकारी धन का दुरुपयोग?
सरपंच द्वारा प्रस्तुत आवेदन में खेदापाली से पुसलदा मार्ग पर लगभग 54 लाख रुपये की लागत से बने तीन छोटे पुलों और सुरक्षात्मक दीवार (Retaining Wall) की गुणवत्ता पर कड़े सवाल उठाए गए हैं:
बिना सरिया के निर्माण: आरोप है कि मिट्टी का कटाव रोकने के लिए बनाई गई रिटेनिंग वॉल में लोहे (सरिया) का उपयोग ही नहीं किया गया है, जो तकनीकी रूप से बेहद खतरनाक है।
क्योरिंग का अभाव: निर्माण के बाद पानी का छिड़काव (Curing) न होने के कारण सीमेंट अभी से झड़ने लगा है, जिससे दीवार की मजबूती संदिग्ध हो गई है।
जनसुविधाओं को क्षति: निर्माण के दौरान पुरानी निस्तारी नाली और पेयजल पाइपलाइन को क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। मरम्मत न होने के कारण ग्रामीणों को निस्तारी और पानी के लिए भारी किल्लत झेलनी पड़ रही है।
मानक विहीन सीसी रोड: सड़क निर्माण में भी मानकों की अनदेखी की गई है, जिससे भविष्य में बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।
प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग
सरपंच और ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि यदि समय रहते उच्च स्तरीय तकनीकी जांच नहीं हुई, तो सरकारी खजाने को चूना लगाने वाले ठेकेदार और संबंधित अधिकारी बच निकलेंगे। ग्रामीणों ने मांग की है कि क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की तत्काल मरम्मत कराई जाए और निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए।
अब गेंद प्रशासन के पाले में है—क्या दोषियों पर गाज गिरेगी या फाइलें ठंडे बस्ते में चली जाएंगी?


