धरमजयगढ़। नगर क्षेत्र में संचालित कई आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को मिलने वाले पोषण आहार को लेकर गंभीर अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई हैं। तय मानकों के विपरीत भोजन की गुणवत्ता और मात्रा में कमी का आरोप लगाते हुए स्थानीय स्तर पर चिंता जताई जा रही है। यह मामला उस समय और उजागर हुआ, जब ‘वजन त्यौहार’ कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे प्रदेश भाजपा किसान मोर्चा के संयोजक टीकाराम पटेल तथा मंडल मीडिया प्रभारी विवेक कुमार पांडेय के समक्ष आंगनबाड़ी सहायिका एवं कार्यकर्ताओं ने अपनी व्यथा रखी।
कार्यकर्ताओं ने बताया कि कई केंद्रों में बच्चों को न तो निर्धारित मात्रा में भोजन मिल रहा है और न ही मेन्यू के अनुसार पोषण आहार परोसा जा रहा है। इसका सीधा असर बच्चों के शारीरिक विकास और स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। बताया गया कि आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से किया जा रहा है, लेकिन उनकी कार्यप्रणाली अब सवालों के घेरे में आ गई है।
सूत्रों के अनुसार, कहीं-कहीं भोजन की गुणवत्ता बेहद निम्न स्तर की पाई गई है, जबकि कुछ केंद्रों में नियमित रूप से भोजन वितरण भी नहीं हो रहा। इस स्थिति ने शासन की महत्वाकांक्षी पोषण योजनाओं की जमीनी हकीकत पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। वहीं मामले को लेकर जब संबंधित विभागीय अधिकारियों से चर्चा की गई तो उनका कहना था कि शिकायतें प्राप्त हुई हैं और पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि जांच में लापरवाही या अनियमितता पाई जाती है, तो जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि, एक बड़ा सवाल यह भी खड़ा हो रहा है कि पूर्व में संचालित महिला समूह को आखिर क्यों हटाया गया। क्या इसके लिए शासन स्तर पर कोई लिखित आदेश मौजूद है? इस विषय में विभागीय जवाबदारों ने फाइलों के अवलोकन के बाद ही स्थिति स्पष्ट करने की बात कही है।
फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम ने आंगनबाड़ी व्यवस्था, बच्चों के पोषण और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं—यह देखने के लिए कि क्या वास्तव में दोषियों पर कार्रवाई होती है और क्या नौनिहालों को गुणवत्तापूर्ण व पर्याप्त पोषण आहार सुनिश्चित हो पाता है या नहीं।
