कापू, धरमजयगढ। आदिवासी और शासकीय जमीन के कथित फर्जी अंतरण से जुड़े दो मामलों में कापू पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फरार तत्कालीन पटवारी राकेश कुमार साय को ग्राम गनपतपुर से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके कब्जे से कथित रूप से प्रकरण में प्रयुक्त लैपटॉप और प्रिंटर भी जब्त किया है।
बता दें, पुलिस के अनुसार, पहले मामले में ग्राम डुमरनारा की खसरा नंबर 409 की पण्डो जनजाति के नाम दर्ज भूमि को बिना सक्षम आदेश के सुखन पिता बजरंग, जाति रावत के नाम दर्ज कराए जाने और बाद में रायपुर निवासी संतोष देवी गुप्ता के नाम विक्रय किए जाने का मामला सामने आया। जांच में फर्जी पहचान दस्तावेज के इस्तेमाल की बात भी सामने आई है। इस प्रकरण में पटवारी राकेश साय की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर अपराध क्रमांक 108/2026 के तहत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया था।
वहीं दूसरे मामले में ग्राम पंचायत रायमेर की शासकीय भूमि खसरा नंबर 467/23, 467/25 एवं 467/36 को कथित तौर पर कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर निजी व्यक्तियों के नाम दर्ज कर पट्टा तैयार करने और फर्जी रजिस्ट्री कराने का आरोप है। इस मामले में अपराध क्रमांक 131/2026 दर्ज कर तत्कालीन पटवारी सहित अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।दोनों मामलों में अपराध दर्ज होने के बाद से राकेश साय फरार था। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में चलाए जा रहे “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार किया। पुलिस अब जब्त इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों के आधार पर कथित कूटरचना के पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है। वहीं मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। रायगढ़ पुलिस के अनुसार, कार्रवाई एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी के मार्गदर्शन और एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी के पर्यवेक्षण में कापू पुलिस टीम द्वारा की गई।
