धरमजयगढ़ :- तहसील कार्यालय धरमजयगढ़ में नए नजूल राजस्व निरीक्षक की पदस्थापना के बाद से आम लोगों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। स्थिति यह है कि, जब से नए साहब आए हैं, तब से नजूल राजस्व निरीक्षक के कार्यालय में अक्सर ताला ही बंद मिलता है। जिम्मेदार अधिकारी के दफ्तर नहीं बैठने के कारण धरमजयगढ़ के नागरिकों को अपने जरूरी कामों के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
हैरानी की बात यह है कि नजूल राजस्व निरीक्षक का कार्यालय कहीं दूर नहीं, बल्कि धरमजयगढ़ तहसीलदार के न्यायालय के ठीक पीछे स्थित है। इसके बावजूद अधिकारी अपने कार्यालय में बैठना मुनासिब नहीं समझते। रोजाना दूर-दराज और स्थानीय इलाकों के लोग जमीन संबंधी काम, सीमांकन, और अन्य राजस्व दस्तावेजों के सिलसिले में नजूल राजस्व निरीक्षक के दफ्तर पहुंचते हैं, लेकिन कार्यालय में ताला लटके देख उन्हें मायूस होकर वापस लौटने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नए नजूल आरआई के आने के बाद से नजूल से जुड़े काम पूरी तरह से ठप पड़े हुए हैं। लोगों को छोटे-छोटे कामों के लिए कई हफ्तों तक तहसील के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। दफ्तर बंद रहने से न तो समय पर जानकारी मिल पा रही है और न ही आवेदनों का निपटारा हो रहा है। नजूल टाउन धरमजयगढ़ के त्रस्त नागरिकों ने अब इस अव्यवस्था के खिलाफ रोष जाहिर किया है।
नागरिकों का कहना है कि प्रदेश सरकार एक तरफ राजस्व मामलों के त्वरित निपटारे के दावे करती है, वहीं धरातल पर धरमजयगढ़ नजूल राजस्व निरीक्षक के कार्यालय की यह तालाबंदी सरकार के 'सुशासन त्योहार' के खोखले दावों की जमीनी हकीकत बयां कर रही है। नगर की त्रस्त जनता ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) धरमजयगढ़ और जिला कलेक्टर से इस मामले में सीधे हस्तक्षेप की मांग की है। लोगों का कहना है कि इस मामले की जांच कर लापरवाह राजस्व निरीक्षक के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कार्यालय तय समय पर नियमित रूप से खुले, ताकि जनता को इस रोज-रोज की परेशानी और मानसिक प्रताड़ना से मुक्ति मिल सके।
