अवैध बोर खनन पर प्रशासन की पकड़ ढीली? प्रतिबंध के बीच कया की धरती का सीना छलनी करने में जुटी बोरवेल मशीनें!


स्टेट ब्यूरो जयपाल सक्सेना की रिपोर्ट में 


धरमजयगढ़/घरघोड़ा। जिले में लगातार गिरते भू-जल स्तर को देखते हुए प्रशासन द्वारा बोर खनन पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया है, लेकिन धरमजयगढ़ एवं घरघोड़ा विकासखंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम कया में हालात कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। यहां प्रतिबंध के बावजूद बोर खनन गतिविधियां जारी रहने की चर्चाएं ग्रामीण अंचल में तेजी से फैल रही हैं, जिससे प्रशासनिक निगरानी और नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं।


बता दें,ग्रामीणों के अनुसार ग्राम कया में बीते कुछ समय से लगातार बोर खनन का कार्य किया जा रहा है। धरती के सीने में एक के बाद एक किए जा रहे छेद न केवल भू-जल संरक्षण की चिंताओं को बढ़ा रहे हैं, बल्कि प्रशासनिक आदेशों की प्रभावशीलता पर भी प्रश्नचिह्न लगा रहे हैं। बताया जा रहा है कि शाम ढलने के बाद और रात के सन्नाटे में बोरवेल मशीनों की गड़गड़ाहट गांव की खामोशी को चीरती हुई सुनाई देती है।


चर्चाओं के अनुसार ग्राम में एक निजी बोरवेल मशीन, जिसे *बाला जी बोरवेल्स* के नाम से जाना जा रहा है, द्वारा खनन कार्य किए जाने की बात सामने आ रही है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि प्रतिबंध अवधि के दौरान इस कार्य के लिए सक्षम प्राधिकारी से अनुमति प्राप्त की गई है अथवा नहीं। यदि अनुमति नहीं ली गई है तो फिर नियमों की अनदेखी कर यह कार्य किसके संरक्षण में संचालित हो रहा है?


और वहीं मामले का एक और महत्वपूर्ण पहलू डीजल आपूर्ति को लेकर भी सामने आता है। बोरवेल मशीनों के संचालन में भारी मात्रा में ईंधन की आवश्यकता होती है। ऐसे में ग्रामीणों के बीच यह चर्चा भी है कि लगातार संचालित हो रही मशीनों तक डीजल की आपूर्ति किस माध्यम से की जा रही है। यह पहलू भी प्रशासनिक जांच का विषय बन सकता है।


फिलहाल ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन ने जल संरक्षण और भू-जल स्तर को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से बोर खनन पर प्रतिबंध लगाया है, तो उसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। अन्यथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई कर स्पष्ट संदेश दिया जाना आवश्यक है कि कानून सभी के लिए समान है।


बहरहाल अब निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। ग्राम कया में संचालित बताए जा रहे बोर खनन कार्य की जांच होती है या नहीं, यह आने वाला समय बताएगा। यदि जांच में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित व्यक्तियों एवं संस्थाओं पर क्या कार्रवाई होती है, यह भी क्षेत्रवासियों के लिए महत्वपूर्ण विषय बना हुआ है।


(नोट: समाचार ग्रामीणों एवं स्थानीय स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर आधारित है। मामले की आधिकारिक पुष्टि एवं प्रशासनिक पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)

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