धरमजयगढ़। त्याग, बलिदान और मानवता के प्रतीक मोहर्रम पर्व के शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण आयोजन को लेकर मंगलवार को धरमजयगढ़ थाना परिसर में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई।

बता दें,बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने नगर की गौरवशाली सामाजिक परंपराओं का स्मरण कराते हुए कहा कि धरमजयगढ़ सदैव से आपसी प्रेम, सद्भाव और सामाजिक समरसता का केंद्र रहा है। इसी विरासत को आगे बढ़ाते हुए सभी नागरिकों से मोहर्रम पर्व को शांति, अनुशासन और भाईचारे के वातावरण में संपन्न कराने की अपील की गई। वहीं
बैठक की अध्यक्षता कर रहे एसडीएम प्रवीण भगत एवं एसडीओपी सिद्धांत तिवारी ने नगरवासियों की सौहार्दपूर्ण भावना की सराहना करते हुए कहा कि धरमजयगढ़ ने हमेशा सामाजिक एकता और भाईचारे की अनूठी मिसाल पेश की है। उन्होंने सभी समाज प्रमुखों एवं जनप्रतिनिधियों से भविष्य में भी इसी प्रकार प्रेम, सद्भाव और अमन-चैन की परंपरा को सशक्त बनाए रखने में सहयोग देने का आह्वान किया।

और वहीं इस दौरान थाना प्रभारी राजेश जांगड़े एवं तहसीलदार हितेश साहू ने भी कहा कि सामाजिक सौहार्द किसी भी सभ्य समाज की सबसे बड़ी शक्ति होती है। उन्होंने नागरिकों से अफवाहों से दूर रहने, कानून व्यवस्था बनाए रखने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि अथवा समस्या की जानकारी तत्काल प्रशासन को देने का आग्रह किया। अधिकारियों ने विश्वास दिलाया कि प्रशासन प्रत्येक परिस्थिति में नागरिकों के सहयोग और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं मुस्लिम समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि धरमजयगढ़ में मोहर्रम का पर्व वर्षों से आपसी सम्मान और भाईचारे की भावना के साथ मनाया जाता रहा है। इस वर्ष भी मोहर्रम के अवसर पर मस्जिद में “याद-ए-हुसैन” तकरीर का आयोजन किया जाएगा, जिसमें हजरत इमाम हुसैन के त्याग, सत्यनिष्ठा और मानवता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।
वहीं समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि धरमजयगढ़ में सभी धर्मों और समुदायों के लोग एक-दूसरे के सुख-दुख तथा धार्मिक आयोजनों में सहभागी बनकर सामाजिक एकता का उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। वहीं बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई, जहां उपस्थित सभी लोगों ने मोहर्रम पर्व को शांति, अनुशासन, परस्पर सम्मान और सामाजिक सौहार्द के साथ मनाने का सामूहिक संकल्प लिया। बैठक में विभिन्न समाजों के प्रमुख, मुस्लिम समाज के पदाधिकारी, नगर के जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी, स्थानीय पत्रकारों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही।
