अलोला सर्किल के टिकरापारा में चार हाथियों के दल ने मचाया उत्पात, ग्रामीणों में दहशत का माहौल
धरमजयगढ़़। वनमंडल धरमजयगढ़ के कापू वनपरिक्षेत्र अंतर्गत अलोला सर्किल के टिकरापारा गांव में शनिवार की देर रात हाथियों के दल ने जमकर उत्पात मचाया। भोर लगभग 2:30 से 3:00 बजे के बीच चार हाथियों का झुंड गांव में पहुंच गया और कई घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया। अचानक हुई इस घटना से ग्रामीणों में अफरा-तफरी और भय का माहौल निर्मित हो गया।
बता दें,प्राप्त जानकारी के अनुसार हाथियों ने लक्ष्मण सिदार, रामकुमार सिदार, तिलक सिदार, सुख सिंह सहित एक अन्य ग्रामीण के मकानों को नुकसान पहुंचाया। हाथियों के गांव में प्रवेश करते ही लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों से निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागे। सौभाग्यवश इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है, किंतु प्रभावित परिवारों को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ी है। वहीं घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने वनपरिक्षेत्र कापू के अधिकारियों को सूचित किया। सूचना के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और नुकसान का आकलन करते हुए आवश्यक जांच एवं कार्रवाई प्रारंभ कर दी है।
लेकिन इधर ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि हाथियों की गतिविधियों की पूर्व सूचना समय पर नहीं दी जाती, जिससे लोगों का सीधे हाथियों से सामना होने का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते चेतावनी मिल जाए तो वे स्वयं और अपने परिवार को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा सकते हैं। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि वनपरिक्षेत्र कापू के संबंधित सहायक अधिकारी अक्सर फोन रिसीव नहीं करते, जिसके कारण आपात स्थिति में विभाग से संपर्क स्थापित करने में कठिनाई होती है। इस कारण क्षेत्र के लोगों में असंतोष व्याप्त है।
बहरहाल हाथियों की लगातार बढ़ती आवाजाही और ग्रामीण बस्तियों तक उनकी पहुंच ने एक बार फिर मानव-वन्यप्राणी संघर्ष की गंभीर समस्या को उजागर कर दिया है। ग्रामीणों ने वन विभाग से प्रभावी निगरानी, समय पर सूचना व्यवस्था तथा प्रभावित परिवारों को शीघ्र मुआवजा प्रदान करने की मांग की है।

