ढोंगाघाट मांड नदी हादसे में नया खुलासा, क्या साक्ष्य छुपाने की हुई कोशिश

 


ढोंगाघाट मांड नदी हादसे में नया खुलासा, क्या साक्ष्य छुपाने की हुई कोशिश????

धरमजयगढ़ क्षेत्र के ढोंगाघाट मांड नदी में 29 अप्रैल को हुई संदिग्ध घटना अब नए मोड़ पर पहुंचती नजर आ रही है। घटना स्थल से वायरल वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि घटना युक्त ट्रैक्टर में रेत लोड था, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की नजरों में धूल झोंकने का खेल भी सामने आता दिख रहा है।

प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि लक्ष्मीपुर निवासी फूलजेन्स मिंज की ट्रैक्टर से पिछले कई वर्षों से अवैध रेत परिवहन का कार्य किया जा रहा था और 29 अप्रैल को भी वही काम जारी था। बताया जा रहा है कि रेत लोड ट्रैक्टर फंस गया था, जिसे खाली करने के लिए हाइड्रोलिक उठाया गया, तभी हादसा हो गया।

लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि घटना के बाद असली महिंद्रा लाल रंग की ट्रैक्टर को हटाकर उसकी जगह नई जॉन डियर ट्रैक्टर को घटना युक्त वाहन बताकर खड़ा किया गया। इसके बाद उसी वाहन के आधार पर एफआईआर दर्ज होने की चर्चा है।

एफआईआर पर उठे गंभीर सवाल



एफआईआर कॉपी में घटना का कारण ट्रैक्टर "धोते समय हादसा" बताया गया है। अब कई सवाल खड़े हो रहे हैं—

अगर ट्रैक्टर धोया जा रहा था तो उसमें रेत भरने वाली बेलचा और फावड़ा क्यों मौजूद थे?




घटना स्थल पर ट्रैक्टर धोने लायक पानी तक नजर नहीं आ रहा, फिर धोने की बात कैसे?

क्या कोई व्यक्ति ट्रैक्टर धोने के लिए लक्ष्मीपुर से इतनी दूर मांड नदी ले जाएगा, जहां पानी ही न हो?

प्रशासन पर उठ रही उंगलियां

अब क्षेत्र में चर्चा तेज है कि क्या अवैध रेत परिवहन को बचाने और असली घटना छुपाने के लिए पूरा खेल रचा गया?* *क्या पुलिस और जिम्मेदार विभाग सच्चाई सामने लाएंगे या मामला दबा दिया जाएगा?

ढोंगाघाट की यह घटना अब केवल हादसा नहीं, बल्कि सवालों का पहाड़ बन चुकी है। जनता जवाब चाहती है।

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