विशेष पिछडी जन जाति बिरहोर समुदाय लोगों का भी कागजोँ में दिखाया जा रहा है पूर्ण..... हकीकत कुछ और बंया करती नजर आ रही है
धरमजयगढ़ - ग्राम पंचायत जबगा में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। विशेष पिछडी जन जाति बिरहर समुदाय की लभान्वित हितग्राहियों का आवास वर्षों पूर्व के तहत पी एम आवास स्वीकृति हुई है परन्तु आज भी पूर्ण सिर्फ काकजों में दिखाया गया.... जमीनी हकीकत कुछ और कहती है....
आरोप है कि वर्षों से आवास स्वीकृति हुई है और आवास निर्माण के नाम पर हितग्राहियो द्वारा हितग्राहियों राशि अहरण कर के आवास कागज़ों में पूर्ण दिखा दिए गए, जबकि ज़मीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बता रही है। हितग्राहियों का कहना है हमारा मकान सचिव सरपंच के द्वारा निर्माण कराया गया है और हमने पूरी राशि निकाल कर दे दिए है फिर भी हमारा मकान में निचे-ऊपर और दीवालों का छबाई का कार्य अब भी अधूरा है जिससे हमेसा सर्प, बिच्छू से खतरा बना रहता है ज़ब बड़े अदिकारी आते है... अपना परेशानिया बोलने से मना कर दिया जाता है ll वंही हमारा बैंक पासबुक भी हमारे पास रखने नहीं देने की बात कही गईं मकानों को सरकारी रिकॉर्ड में पूरा बताया गया है, परन्तु अभी भी अधूरा निर्माण दिखाई देता है।
और अन्य आवास की बात करें स्थानीय लोगों के मुताबिक, आवास निर्माण के लिए मिलने वाली राशि का उपयोग घर पूरा करने के बजाय अन्य कामों में किया गया। कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि आवास के पैसे से अनेक सामान खरीदे गए, जबकि लाभार्थी अब भी पक्के मकान के इंतजार में हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिन लोगों ने योजना के पैसे का गलत इस्तेमाल किया है, उन पर कार्रवाई होनी चाहिए। पंचायत क्षेत्र में यह मुद्दा चर्चा का विषय बन गया है और कई लोग प्रशासन से शिकायत करने की तैयारी कर रहे हैं।
यदि प्रशासन इस मामले की जांच करता है, तो यह साफ हो सकेगा कि योजना के तहत जारी राशि का सही उपयोग हुआ या नहीं। ग्रामीणों की मांग है कि आवास के पैसे से अपनी जरूर की वस्तुएँ जैसे मोटर सायकिल, टीवी, जैसे में खर्च करने वाले दोषियों पर सख्त कार्रवाई कर योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचाया जाए।

