धरमजयगढ़-कापू मुख्य मार्ग पर आज सुबह करीब 11 बजे एक बड़ा और खौफनाक सड़क हादसा हो गया। मड़वा ताल के घने जंगल के तीखे मोड़ पर डीजल से भरे टैंकर और रायपुर से अंबिकापुर जा रही स्विफ्ट कार के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। भिड़ंत इतनी भीषण थी कि डीजल टैंकर अनियंत्रित होकर मुख्य सड़क पर ही पलट गया और स्विफ्ट कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
जानकारी के अनुसार स्विफ्ट कार रायपुर से अंबिकापुर की ओर जा रही थी, वहीं डीजल टैंकर कापू की ओर से आ रहा था। जैसे ही दोनों वाहन मड़वा ताल जंगल के अंधे मोड़ पर पहुंचे, आमने-सामने की टक्कर हो गई। टक्कर के बाद सड़क पर टायरों के घिसटने के काले निशान पड़ गए और टैंकर धड़ाम से सड़क पर पलट गया। कार सड़क किनारे खाई की तरफ जा घुसी, उसका अगला हिस्सा और शीशा पूरी तरह टूट गया। मौके पर जो भी इस हादसे को देख रहा था, उसकी रूह कांप गई।
राहत की सबसे बड़ी बात यह रही कि इस भीषण हादसे में दोनों वाहनों के चालक सुरक्षित बच गए। भगवान का शुक्र है कि किसी की जान नहीं गई, नहीं तो यह हादसा और भी बड़ा रूप ले सकता था।
लेकिन हादसे के बाद दूसरा खतरा खड़ा हो गया। टैंकर के पलटते ही उसमें से डीजल सड़क पर बहने लगा। देखते ही देखते पूरी सड़क पर डीजल फैल गया। डीजल के रिसाव के बाद वहां आग लगने का खतरा बढ़ गया। इसके बावजूद ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए और भीड़ जमा हो गई। कई लोग डीजल के पास ही खड़े होकर तमाशा देखते रहे, जो बेहद खतरनाक हो सकता था।
घटना की सूचना मिलते ही धरमजयगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने तुरंत लोगों को टैंकर से दूर हटाया और दोनों तरफ के ट्रैफिक को रोक दिया। हाईवे पेट्रोलिंग और प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंच गई है। फायर ब्रिगेड को भी अलर्ट किया गया है ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मड़वा ताल जंगल का यह मोड़ मौत का मोड़ बन गया है। यहां पहले भी कई बार बड़े हादसे हो चुके हैं। घना जंगल, तीखा मोड़ और तेज रफ्तार के कारण यहां हमेशा दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि यहां स्पीड ब्रेकर, साइन बोर्ड और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं।
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हादसे के असली कारणों की जांच की जा रही है। टैंकर को क्रेन की मदद से हटाने की तैयारी चल रही है।

